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हनुमान जी को प्रसन्न करने के सरल उपाय: बड़ा मंगल पर देवी अंजलि जी की सलाह

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हनुमान जी को प्रसन्न करने के सरल उपाय: बड़ा मंगल पर देवी अंजलि जी की सलाह
Published on June 02, 2026

भगवान हनुमान को कलियुग के सबसे जाग्रत देवताओं में से एक माना जाता है। मान्यता है कि सच्चे मन से की गई प्रार्थना, सेवा और भक्ति से हनुमान जी अपने भक्तों के जीवन के संकट दूर करते हैं और उन्हें साहस, शक्ति तथा सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करते हैं। यही कारण है कि ज्येष्ठ माह में आने वाला बड़ा मंगल हनुमान भक्तों के लिए विशेष महत्व रखता है।

इस पावन अवसर पर कई लोग यह जानना चाहते हैं कि आखिर हनुमान जी को प्रसन्न करने के सरल उपाय क्या हैं? प्रसिद्ध राम कथा वाचिका देवी अंजलि जी अपने आध्यात्मिक प्रवचनों में बताती हैं कि हनुमान जी को प्रसन्न करने के लिए बड़े अनुष्ठानों से अधिक आवश्यक है सच्ची श्रद्धा, सेवा और राम भक्ति।

क्या केवल पूजा करने से हनुमान जी प्रसन्न हो जाते हैं?

बहुत से लोग मानते हैं कि केवल पूजा-पाठ ही भगवान को प्रसन्न करने का मार्ग है। लेकिन देवी अंजलि जी के अनुसार हनुमान जी का जीवन हमें एक अलग संदेश देता है।

हनुमान जी ने अपने जीवन में कभी स्वयं के लिए कुछ नहीं मांगा। उनका सम्पूर्ण जीवन भगवान श्रीराम की सेवा और धर्म की रक्षा के लिए समर्पित रहा। इसलिए जो व्यक्ति सेवा, विनम्रता और अच्छे कर्मों को अपनाता है, वह हनुमान जी के अधिक निकट पहुंचता है।

1. राम नाम का स्मरण करें

हनुमान जी को भगवान श्रीराम के सबसे बड़े भक्त के रूप में जाना जाता है। इसलिए बड़ा मंगल पर राम नाम का जाप करना अत्यंत शुभ माना जाता है।

देवी अंजलि जी बताती हैं कि जब मन अशांत हो, जीवन में कठिनाइयाँ हों या नकारात्मक विचार बढ़ रहे हों, तब राम नाम का स्मरण मन को स्थिर और सकारात्मक बनाता है।

2. हनुमान चालीसा का श्रद्धा से पाठ करें

बड़ा मंगल पर हनुमान चालीसा का पाठ विशेष फलदायी माना जाता है। लेकिन केवल शब्दों का उच्चारण करना पर्याप्त नहीं है।

देवी अंजलि जी के अनुसार हनुमान चालीसा का पाठ करते समय उसके भाव को समझने का प्रयास करना चाहिए। जब श्रद्धा और विश्वास के साथ पाठ किया जाता है, तब उसका प्रभाव मन और जीवन दोनों पर दिखाई देता है।

3. सुंदरकांड का श्रवण करें

सुंदरकांड हनुमान जी के साहस, समर्पण और भक्ति का अद्भुत वर्णन है। बड़ा मंगल पर सुंदरकांड का पाठ या श्रवण करने से सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और मन में आत्मविश्वास बढ़ता है।

इसी कारण अनेक भक्त इस दिन परिवार के साथ सुंदरकांड पाठ का आयोजन भी करते हैं।

4. किसी भूखे को भोजन कराएं

देवी अंजलि जी अक्सर कहती हैं कि ईश्वर की सच्ची पूजा मंदिर के साथ-साथ मानव सेवा में भी छिपी होती है।

यदि बड़ा मंगल पर किसी जरूरतमंद व्यक्ति को भोजन कराया जाए, तो यह हनुमान जी की भक्ति का सुंदर रूप माना जाता है। अन्नदान को सनातन धर्म में महादान कहा गया है और यह सेवा का सबसे सरल माध्यम भी है।

5. गौ सेवा को जीवन का हिस्सा बनाएं

गौ सेवा को सनातन संस्कृति में विशेष महत्व दिया गया है। बड़ा मंगल पर गौ माता को हरा चारा खिलाना, गौशाला में सहयोग करना या उनकी सेवा करना पुण्यदायी माना जाता है।

देवी अंजलि जी के अनुसार जीवों के प्रति करुणा और संवेदनशीलता ही सच्ची आध्यात्मिकता की पहचान है।

6. क्रोध और अहंकार से दूरी बनाएं

हनुमान जी अपार शक्ति के स्वामी थे, लेकिन उनके जीवन में कभी अहंकार नहीं आया। यही उनका सबसे बड़ा गुण माना जाता है।

बड़ा मंगल पर केवल पूजा करने के बजाय अपने व्यवहार में भी सकारात्मक बदलाव लाने का प्रयास करना चाहिए। क्रोध, ईर्ष्या और अहंकार से दूरी बनाना भी हनुमान जी को प्रसन्न करने का एक महत्वपूर्ण उपाय माना जाता है।

7. राम कथा और सत्संग से जुड़ें

आध्यात्मिक जीवन को मजबूत बनाने के लिए सत्संग और राम कथा का विशेष महत्व बताया गया है।

देवी अंजलि जी के अनुसार राम कथा केवल धार्मिक आयोजन नहीं है, बल्कि जीवन को सही दिशा देने वाला आध्यात्मिक मार्गदर्शन है। राम कथा हमें मर्यादा, सेवा, त्याग और कर्तव्य का महत्व समझाती है।

इसी कारण बड़ा मंगल जैसे शुभ अवसरों पर अनेक श्रद्धालु राम कथा बुकिंग, श्री राम कथा आयोजन और देवी अंजलि जी राम कथा के माध्यम से धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन करते हैं ताकि परिवार और समाज में आध्यात्मिक मूल्यों का प्रसार हो सके।

बड़ा मंगल का वास्तविक संदेश

बड़ा मंगल हमें यह नहीं सिखाता कि भक्ति केवल मंदिर तक सीमित है। यह पर्व हमें बताता है कि सच्ची भक्ति तब पूर्ण होती है जब उसमें सेवा, करुणा और निस्वार्थता जुड़ जाती है।

हनुमान जी को प्रसन्न करने का सबसे सरल मार्ग किसी विशेष चमत्कार में नहीं, बल्कि अच्छे विचारों, सेवा भाव और भगवान श्रीराम के प्रति श्रद्धा में छिपा हुआ है।

निष्कर्ष

देवी अंजलि जी की सलाह के अनुसार हनुमान जी को प्रसन्न करने के लिए बड़े अनुष्ठानों की नहीं, बल्कि सच्ची श्रद्धा की आवश्यकता होती है। राम नाम का स्मरण, हनुमान चालीसा का पाठ, सुंदरकांड, अन्नदान, गौ सेवा और निस्वार्थ सेवा जैसे कार्य बड़ा मंगल के अवसर पर विशेष महत्व रखते हैं।

जब भक्ति के साथ सेवा जुड़ जाती है, तब जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आने लगते हैं। यही बड़ा मंगल का संदेश है और यही हनुमान जी की कृपा प्राप्त करने का सबसे सरल मार्ग भी है।

जय श्री राम। जय बजरंगबली। 🚩🙏