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श्री राम स्तुति लिरिक्स – सम्पूर्ण पाठ और अर्थ सहित

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श्री राम स्तुति लिरिक्स – सम्पूर्ण पाठ और अर्थ सहित
Published on March 20, 2026

प्रस्तावना

श्री राम स्तुति भगवान श्रीराम की महिमा का गुणगान करने वाली एक पवित्र प्रार्थना है। इसे श्रद्धा और भक्ति के साथ पढ़ने से मन को शांति, आत्मा को सुकून और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होती है।

हिंदू धर्म में भगवान राम को मर्यादा पुरुषोत्तम कहा जाता है, और उनकी स्तुति करने से व्यक्ति के जीवन में धर्म, सत्य और कर्तव्य पालन की भावना मजबूत होती है।

श्री राम स्तुति लिरिक्स (पूर्ण पाठ)

श्री रामचंद्र कृपालु भज मन,
हरण भवभय दारुणम्।
नवकंज लोचन कंज मुख,
कर कंज पद कंजारुणम्॥

कंदर्प अगणित अमित छवि,
नवनील नीरद सुंदरम्।
पट पीत मानहु तड़ित रुचि,
शुचि नौमि जनक सुतावरम्॥

भजु दीनबंधु दिनेश दानव,
दैत्य वंश निकंदनम्।
रघुनंद आनंदकंद कोशल,
चंद दशरथ नंदनम्॥

सिर मुकुट कुंडल तिलक चारु,
उदार अंग विभूषणम्।
आजानुभुज शर चाप धर,
संग्राम जीत खरदूषणम्॥

इति वदति तुलसीदास शंकर,
शेष मुनि मन रंजनम्।
मम हृदय कंज निवास कुरु,
कामादि खलदल गंजनम्॥

श्री राम स्तुति का सरल अर्थ (Meaning in Hindi)

“श्री रामचंद्र कृपालु भज मन…”

हे मन! भगवान श्रीराम का भजन करो, जो संसार के सभी दुखों और भय को दूर करने वाले हैं।

“नवकंज लोचन…”

भगवान राम की आंखें कमल के समान सुंदर हैं और उनका मुख भी कमल की तरह आकर्षक है।

“कंदर्प अगणित…”

उनकी सुंदरता करोड़ों कामदेवों से भी अधिक है। उनका स्वरूप बादल की तरह शीतल और आकर्षक है।

“भजु दीनबंधु…”

वे गरीबों के सहायक, राक्षसों का नाश करने वाले और दशरथ के पुत्र हैं।

“सिर मुकुट कुंडल…”

भगवान राम के सिर पर मुकुट, कानों में कुंडल और शरीर पर सुंदर आभूषण शोभा देते हैं।

“मम हृदय कंज…”

हे प्रभु! मेरे हृदय में निवास करें और मेरे अंदर के सभी बुरे विचारों को दूर करें।

श्री राम स्तुति पढ़ने के लाभ

मानसिक शांति

राम स्तुति का पाठ मन को शांत करता है और तनाव कम करता है।

सकारात्मक ऊर्जा

यह नकारात्मक विचारों को दूर कर सकारात्मक सोच को बढ़ाता है।

भक्ति में वृद्धि

राम स्तुति से भगवान के प्रति प्रेम और श्रद्धा बढ़ती है।

भय और संकट से रक्षा

धार्मिक मान्यता के अनुसार, यह स्तुति सभी संकटों से रक्षा करती है।

जीवन में सुख और संतुलन

नियमित पाठ से जीवन में संतुलन और शांति आती है।

श्री राम स्तुति कब और कैसे पढ़ें?

  • सुबह ब्रह्म मुहूर्त में पढ़ना सबसे शुभ है
  • स्नान के बाद स्वच्छ स्थान पर बैठकर पाठ करें
  • दीपक और अगरबत्ती जलाएं
  • मन को शांत रखकर ध्यानपूर्वक पाठ करें
  • रोज़ नियमित रूप से पढ़ें

निष्कर्ष

श्री राम स्तुति केवल एक भजन नहीं, बल्कि भगवान राम के प्रति समर्पण और श्रद्धा की अभिव्यक्ति है। इसका नियमित पाठ जीवन में सुख, शांति और सकारात्मकता लाता है।

यदि आप अपने जीवन में मानसिक शांति और आध्यात्मिक उन्नति चाहते हैं, तो रोज़ श्री राम स्तुति का पाठ अवश्य करें।

यह भी पढ़ें:- राम नवमी की कथा – भगवान राम के जन्म की पावन कहानी

FAQ (Frequently Asked Questions)

1. श्री राम स्तुति क्या है?

यह भगवान श्रीराम की महिमा का वर्णन करने वाली प्रार्थना है।

2. श्री राम स्तुति किसने लिखी है?

इसे गोस्वामी तुलसीदास ने लिखा है।

3. राम स्तुति कब पढ़नी चाहिए?

सुबह या शाम के समय पढ़ना उत्तम माना जाता है।

4. क्या रोज़ राम स्तुति पढ़ सकते हैं?

हाँ, रोज़ पढ़ना बहुत शुभ और लाभकारी होता है।

5. राम स्तुति पढ़ने से क्या लाभ होता है?

मानसिक शांति, सकारात्मक ऊर्जा और भक्ति में वृद्धि होती है।